Hindi Vashikaran Mantra

० शुभ मुहूर्त में निम्नवत मंत्र को 1०8 बार जप कर पूजा वाली एक सुपारी अभिमंत्रित कर लें। फिर यह सुपारी जिसे भी खिला देंगे, वह आपके वश में हो जाएगा। ‘अमुक‘ के स्थान पर इच्छित व्यक्ति का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ क्लीं स: ‘ अमुक ‘ वश कुरू कुरू स्वाहा।


० मालकांगनी, तगर, कूट, चंदन, नागकेसर तथा काले धतूरे का पंचांग- इन सबको पीसकर गोलियां बनाकर छाया में सुखाएं। प्रयोग से पूर्व निम्नवत मंत्र को 31 हजार बार जप कर सिद्ध कर लें। प्रयोग के समय एक गोली को इसी मंत्र द्वारा 7 बार अभिमंत्रित करके इच्छित व्यक्ति को खिला दें। वह आप पर मोहित हो जाएगा। ‘ अमुक ‘ की जगह उस व्यक्ति का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो भगवते उहुामरेश्वराय ‘ अमुक ‘ मोहय मोहय मिल मिल ठः ठः।


० निम्नलिखित मंत्र को सूर्य या चंद्रग्रहण के समय 2०16 बार जपने से यह चैतन्य हो जाता है। प्रयोग के समय पूजा वाली एक सुपारी को गंगाजल से धोकर निम्नवत मंत्र द्वारा उसे 31 बार अभिमंत्रित करके जिसको भी खिला देंगे, वह वशीभूत हो जाएगा। मंत्र में ‘ अमुक ‘ की जगह इच्छित स्त्री अथवा पुरुष का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो अप्सरा उर्वशी सुपारी काम निगारी राजा परजा खरी पियारी मंत्र पढ़ि लगाऊ तोहि हिया कलेजा लावै तोहि जीवता चाटे पगतली मूवा संग मसान जो ‘ अमुक ‘ वश्य न होय तो जती हनुमन्त की आन। शब्द सांचा पिण्ड कांचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।


० मंगलवार के दिन निम्नवत मंत्र द्वारा एक लीग को 11०8 बार अभिमंत्रित करके जिस स्त्री को खिला दिया जाए वह वश में हो जाएगी। ‘ अमुकी ‘ की जगह उस स्त्री का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो कामाख्या देब्बै ‘ अमुकी ‘ मे वशीकरी स्वाहा।


० निम्नवत मंत्र द्वारा एक इलायची को 11०8 बार अभिमंत्रित करके इच्छित स्त्री को खिला दें, वह आपके वश में हो जाएगी। ‘ अमुकी ‘ के स्थान पर उस स्त्री का नाम बोलें जिसे वश में करना है।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो काला कलवा काली रात, जिसकी पुतली मांझा राख, काला कलवा घाट बाट, सौती को जगाई ‘लावे बैठी को उठाई लाव खड़ी को चला लाव बेगी धरया लाव मोहनी जोहनी चल राजा की टांड ‘ अमुकी ‘ हजार जाप करे।


० अमावस्या की रात में अग्रवत मंत्र को 1144 बार पढ़ने से यह सिद्ध हो जाता है। इसके बाद देशी पान के 3 बीड़े को 31 बार इसी मंत्र से अभिमंत्रित करके रख लें। इच्छित स्त्री को पहला बीड़ा पान खिलाने पर वह आपसे मिलने-जुलने लगेगी। दूसरा पीड़ा पान खिलाने पर अपने अंगों का दर्शन करा देगी। तीसरा बीड़ा पान खिलाने पर आपके साथ लिपटने-चिपकने को आतुर हो जाएगी। ‘ अमुकी ‘ के स्थान पर इच्छित स्त्री का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
कामरूदेश कामख्या देवी जहां बसे इस्माइल जोगी इस्माइल जोगी ने दिया पान बीड़ा, पहला बीड़ा आती जाती, दूजा बीड़ा दिखावे छाती, तीजा बीड़ा अंग लिपटाई ‘ अमुकी ‘ खाय पास चली आई, दुहाई गुरु गोरखनाथ की।


० निम्नवत मंत्र को एक लाख बार जपने से यह सिद्ध हो जाता है। फिर पुष्य नक्षत्र में पुनर्नवा की जड़ लाकर उसे 7 बार इसी मंत्र द्वारा अभिमंत्रित करके दाई भुजा में बांध लें। सभी जीव वश में हो जाएंगे।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो सर्वजीव वशस्राय कुरू कुरू स्वाहा।


० नीचे दिए गए मंत्र को एक लाख बार जप कर इसे सिद्ध कर लें। प्रयोग के लिए हस्त नक्षत्र में बबूल की जड़ लाकर उसे 3 बार इसी मंत्र द्वारा अभिमंत्रित करके दाई भुजा में बांध लें। इसके प्रभाव से सभी लोग वशीभूत हो जाते हैं तथा रुके हुए समस्त कार्य पूरे हो जाते हैं।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ सुदर्शनाय हुं फद् स्वाहा।


० राजहंस पक्षी का पंख, कोचनी का पुष्प एवं सफेद गाय का दूध मिलाकर खीर बनाएं। फिर निम्नवत मंत्र द्वारा इस खीर की 1०8 आहुति दें। इससे मंत्र सिद्ध हो जाएगा। प्रयोग के समय नित्य 11 दिनों तक इसी मंत्र का 1०8 बार जप करके इच्छित व्यक्ति का ध्यान करें। वह आपके वश में हो जाएगा।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ ताल तुम्बरी दह दह दरै झाल झाल आ आ आ हुं हुं हुं हें हें हें काल कमानी कोटा कमरिया ओं ठः ठः


० सर्वप्रथम निम्नवत मंत्र को 1० हजार बार जप कर सिद्ध कर लें। इसके पश्चात रविवार के दिन एक पुष्प को इसी मंत्र द्वारा 7 बार अभिमंत्रित करके इच्छित व्यक्ति को दे दें। वह आपके वश में हो जाएगा।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो चामुण्ड जय-जय वश्यमानाय जय-जय सर्वसत्या नम: स्वाहा।


० होली की रात्रि में मिट्टी की एक हंडिया मंगाकर उसके अंदर साबुत हल्दी का एक टुकड़ा, एक नीबू तथा 7 कालीमिर्च डाल दें। फिर उस हंडिया पर लाल कपड़ा बांधकर अगले पृष्ठ पर प्रस्तुत किए गए मंत्र का 1 घंटे तक जप करते रहें। तत्पश्चात उस हंडिया को घर से दूर सुनसान स्थान में गाड़ दें और वापस आकर हाथ-पैर धो लें। ऐसा करने पर इच्छित व्यक्ति आपके वश में हो जाएगा। मंत्र में ‘ अरक ‘ की जगह इच्छित व्यक्ति का नाम बोलें।
मंत्र अग्रलिखित है-
ॐ वीर वैताल ‘ अमुक ‘ का मन फेर, मेरे वश में कर, चरणों में पड़े, कहियो करे, सौ ताला तोड़ हाजर होय, कहुं सो होय, ग्रं टं फद।


० निम्नवत मंत्र को 1०8 बार जप कर थोड़ी सी मिठाई अभिमंत्रित कर लें। अब यह मिठाई जिस स्त्री या पुरुष को खिला देंगे, वह आप पर अवश्य ही मोहित हो जाएगा।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो आदेश कामाख्या देवी को। जल मोहूं, थल मोहूं। जंगल की हिरणी मोहूं। बाट चलता बटोही मोहूं। दरबार बैठा राजा मोहूं। मोहिनी मेरा नाम। मोहूं जगत् संसार। तारा तरीला तोतला। तीनों बसे कपाल। सिर चढ़े मातु के दुश्मन करूं पमाल। मात मोहिनी देवी की दुहाई। कुरे मंत्र खुदाई।


० गुरुवार के दिन थोड़ा सा नमक लेकर निम्नवत मंत्र द्वारा 7 बार अभिमंत्रित करें। फिर यह नमक खाने-पीने की वस्तु में डालकर इच्छित स्त्री को खिला-पिला दें। ऐसा करने से वह स्त्री आकर्षित और मोहित हो जाती है। मंत्र में ‘ देवदन्तीं ‘ की जगह इच्छित स्त्री का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ भगवती भग भाग दायिनी ‘ देवदन्तीं ‘ मम वश्य कुरू कुरू स्वाहा।


० किसी भीदिन प्रातःकाल हनुमानमंदिर जाकरपूजा- अर्चनाकरें। फिरमाथे पर चंदन क्रा तलक लगाकर वहां से निम्नवत मंत्र का जप करते हुए इच्छित स्त्री या मुरुम कं पास जाएं। वह आपके वश में हो जाएगा। ‘ अमुक ‘ की जगह इच्छित स्त्री या पुरुष का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
माता अंजनी का हनुमान। मैं मनाऊं, तूं कहना मान। पूजा दे, सिन्दूर चढ़ाऊं। ‘ अमुक ‘ को रिझाऊं और उसको पाऊं। यह टीका तेरी शान का। वह आवे, मैं जब लगाऊं। नहीं आवे तो राजा राम की दुहाई। मेरा काम कर। नहीं आवे तो अंजनी की सेज पड़।


० किसी भी रविवार के दिन होली या दीपावली पड़ने पर लाल रंग के एरंड के पौधे को निम्नवत मंत्र पढ़ते हुए एक झटके से केवल बाएं हाथ द्वारा उखाड़कर अपने घर ले आएं। फिर इसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। इसके बाद एक टुकड़े को निम्नवत मंत्र द्वारा 21 बार अभिमंत्रित करके जिस स्त्री से स्पर्श करा देंगे, वह आपके वश में हो जाएगी।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो काल भैरव काली रात। काला आया आधी रात। चलै कतार बांधू। तूं बावन वीर। पर नारी सो राखै सीर। छाती धरिके, वाको लाओ। सोती होय, जगा के लाओ। बैठी होय, उठा के लाओ। शब्द सांचा पिण्ड काचा। फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा। सत्य नाम आदेश गुरु का।


० जिस स्त्री को वशीभूत करना हो, उसके बाएं पैर के नीचे की मिट्टी लेकर निम्नवत मंत्र द्वारा 7 बार अभिमंत्रित करके उसके सिर पर डाल दें। वह स्त्री आकर्षित होकर आपके वशीभूत हो जाएगी।
मंत्र इस प्रकार है-
काला कलुवा चौसठ वीर ताल भागी तोर जहां को भेजूं वहीं को जाये मांस-मज्जा को शब्द बन जाये अपना मारा, आप दिखावे चलत बाण मारूं उलट मूठ मारू मार मार कलुवा तेरी आस चार चौमुखा दीया मार बादी की छाती इतना काम मेरा न करे तो तुझे माता का दूध पिया हराम।


० यदि निम्नवत मंत्र का जप करते हुए किसी स्त्री से नजर मिलाई जाए तो वह अवश्य ही वशीभूत हो जाएगी।
मंत्र इस प्रकार है-
ऐं भग भुगे भगनि भागोदरि भगमाले यौनि भगनिपतिनि सर्व भग संकरी भगरूपे नित्य क्लैं भगस्वरूपे सर्व भगानि मे वशमानय वर-देरेते सुरेते भग ल्किंने क्लीं न दवे क्लेदय द्रावय अमोघे भग विधे क्षुभ क्षोभय सर्व सत्वामगेश्वरी ऐं ल्कं जं ज्यूं भैं क्षं मौ क्षं हे हे विलने सर्वाणि भगानि तस्मै स्वाहा।


० निम्नवत मंत्र को 21 बार जप कर 3 बीड़ा पान अभिमंत्रित करके इच्छित स्त्री को रोजाना एक-एक बीड़ा खिला दें। पहला बीड़ा पान खाते ही वह स्त्री आपकी मित्र हो जाएगी। दूसरा बीड़ा पान खाने से वह आपके साथ यौन संबंध .तर थापित कर लेगी। तीसरा बीड़ा पान खाने से वह किसी अन्य पुरुष की कल्पना भी नहीं करेगी।
मंत्र इस प्रकार है
श्री राम नाम रबेली अकनकबीरो। सुनिये नारी। बात हमारी। एक पान संग मंगाय। एक पान सेज सौ लावै। एक पान मुख बुलावै। हमको छोड़ और को देखै तो तेरा कलेजा मुहम्मद वीर चक्खे।


० निम्नवत मंत्र को 1०8 बार जप कर किसी पुष्प को अभिमंत्रित करके जिस स्त्री पर फेंका जाएगा, वह मोहित हो जाएगी।
मंत्र इस प्रकार है-
उठे नमो आदेश गुरु को, कामरूप देश कामाक्षा देवी तहां ठैठैइस्माइल जोगी, जोगी के गन फूल-क्यारी, फल चुन-चुन लावै लोना चमारी, फूल चल फूल-फूल बिगसे, फूल पर बीर नरसिंह बसे, जो नहीं फूल का विष, कबहुं न छोड़े मेरी आस। मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।


० रात्रि के मध्य काल में निर्वस्त्र होकर उत्तर दिशा की तरफ मुख करके नित्य 1०8 बार 15 दिनों तक अग्रलिखित मंत्र का पाठ कामुक अवस्था में करें। मंत्र में ‘ अमुकी ‘ के स्थान पर इच्छित स्त्री कानाम बोलें। वह स्त्री आपके वश में हो जाएगी।
मंत्र इस प्रकार है-
ऐं सहवल्लरि क्लीं कर क्लीं काम पिशाच ‘ अमुकी ‘ काम ग्राहय साहय स्वप्ते मम रूपे नखै-विदारय विदारय द्रावय द्रावय रद महेन बन्धय बन्धय श्री फट्।


० सर्वप्रथम निम्नवत मंत्र को 1० हजार बार जप कर सिद्ध कर लें। प्रयोग के समय गोरोचन में काले धतूरे का रस मिलाकर सफेर कनेर की टहनी द्वारा भोजपत्र पर इसी मंत्र को लिखें और आग में डाल दें। इससे काफी दूरी पर निवास कर रहे व्यक्ति को भी आकर्षित किया जा सकता है।
‘ अमुकस्य ‘ के स्थान पर इच्छित स्त्री या पुरुष का नाम लिखें और बोलें
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नम : देव आदिरूपाय ‘ अमुकस्य ‘ आकर्षण कुरू कुरू स्वाहा।


० किसी भी मंगलवार के दिन एकांत स्थान में बैठकर निम्नवत मंत्र का 12० बार पाठ करें। यह क्रिया 1० मंगलवार तक करके दशांश हवन और ब्राह्मण भोजन कराएं। इच्छित स्त्री आपके वश में हो जाएगी।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नम: भगवते रुद्राय संदृष्टि लंपिनाहर स्वाहा। कंसासुर की दुहाई।


० सर्वप्रथम निम्नवत मंत्र को 1० हजार बार जप कर सिद्ध कर लें। फिर किसी भी मंगलवार के दिन बिनौला, सरसों और चूहे के बिल की मिट्टी को इसी मंत्र द्वारा 3 बार अभिमंत्रित करके इच्छित व्यक्ति के सिर पर डाल दें। वह व्यक्ति आपके वश में हो जाएगा।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नम: हीं ठः ठः स्वाहा।


० किसी भी शनिवार या रविवार के दिन विधि-विधान से भगवान नृसिंह का पूजन करके निम्नवत मंत्र का पाठ करते हुए मृत, शक्कर, पान, सुपारी एवं गुग्गुल द्वारा 1०8 आहुतियां दें। इसके बाद रूई में अपामार्ग की जड़ की लपट बत्ती बनाकर घी का दीपक जलाकर काजल काई। उस काजल को नीचे दिए गए मंत्र द्वारा 7 बार अभिमंत्रित करके अपनी आखों में लगाने से सभी व्यक्ति मोहित हो जाते हैं।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नम: पद्‌मनी अंजन मेरा नाम, इस नगरी में जाय मोहूं। सर्वग्राम मोहूं राज करन्ता, राज मोहूं फर्श पै बैठाय मोहूं। पनघट पनिहारी मोहूं, इस नगरी के छत्तीस पवनिया मोहूं। जो काई मार मार करन्त आवे, उसे नरसिंह वीर बाम पद अंगूठा तर धरे और घेर लावे! मेरी भक्ति गुरु की शक्ति, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।


० सर्वप्रथम अग्रलिखित मंत्र को 1 लाख बार जप कर सिद्ध कर लें। प्रयोग क्रे समय इसी मंत्र का उच्चारण करते हुए सिंदूर, गोरोचन और कुंकुम को आवले के रस में अच्छी तरह घोटें। अब जो व्यक्ति इसका तिलक करेगा, वह सभी को मोहित कर लेगा।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ उङ्कामरेश्वराय सर्व जगन्मोहनाय अं आ इं ई उं ऊं ऋ न्दं हुं फट- स्वाहा।


० सर्वप्रथम निम्नवत मंत्र को 1० हजार बार जप कर इसे सिद्ध कर लें। प्रयोग के समय बिल्वपत्र को दूध में पीसकर निम्नवत मंत्र द्वारा 21 बार अभिमंत्रित करके जो इसका तिलक मस्तक पर लगाता है, वह शीघ्र ही सभी को मोहित कर लेता है।
मंत्र इस प्रकार है
ॐ नमः भगवते कामदेव यस्य-यस्य हृदयं भवामि यश्च-यश्च मम मुख पश्यति तं तं मोहमयतु स्वाहा।


० दीपावली की रात्रि में सफेद तिल का तेल उल्टी घानी से निकलवाकर उसे 21 बार निम्नवत मंत्र द्वारा अभिमंत्रित करें। अब इस तेल से जो भी व्यक्ति तिलक करता है, वह सभी को मोहित कर लेता है।
मंत्र इस प्रकार है-
तेल से तेल राजा प्रजा पाऊं मेल पोखरी पानी मसकी आ लगाय योनि मेरे पाय लगाय हाथ खदग बिराज गले फूलों की माला जानि बिजानै गोरख जानै मेरी गति को कहैन कोय हाथ पछानों मुख धोऊं सुमिरौ निरंजन करदेव हनुमंत यती हमारी पति राखे मोहिनी दोहनी दोनों बहिनी आवों मोहनी रावल चलै मुख बोले तो जीभ मोहूं आस मोहूं पास मोहूं सब संसारे मोहूं निसरू बन्दी देह ललाट, शब्द सांचा कुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।


० सर्वप्रथम निम्नवत मंत्र को 1० हजार बार जप कर सिद्ध कर लें। इसके बाद किसी भी रविवार के दिन से दीपक जलाकर नित्य 21 दिनों तक इसी मंत्र का 21 बार जप करें। 2 वें दिन इसी मंत्र द्वारा 4 लीग को 7 बार अभिमंत्रित करके जिस स्त्री को खिला देंगे, वह आपके वश में हो जाएगी। मंत्र में ‘ अमुक ‘ की जगह इच्छित स्त्री का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नम: आदेश गुरु का। लौंग लौंग तू मेरा भाई तुम्हारी शक्ति चलाई, पहली लौंग राती-बाती, दूजी लौंग जीवन माती, तीजी लौंग अंग में राखे, चौथी लौंग दुई कर जोड़े, चारों लौंग जो मेरी खाय, ‘ अमुक ‘ झट मेरे पास आय। आदेश देवी कामरू कामाख्या की दुहाई फिरै।


० दीपावली की रात्रि में निम्नवत मंत्र को 320 बार जप कर सिद्ध कर लें। प्रयोग के समय थोड़े से तेल को इसी मंत्र द्वारा 7 बार अभिमंत्रित करके इच्छित स्त्री या पुरुष पर इसका छींटा देने से वह निश्चित रूप से मोहित और वशीभूत हो जाता है।
मंत्र इस प्रकार है-
ॐ नमो मन मोहनी रानी। मोहनी चला सैर को मस्तक धर तेल का दीप जल मोहूं, सब जगत मोहूं, मोहूं मोहनी रानी जो शथ्या बैठी दरबार गौरा पार्वती की दुहाई, लोना चमारी की दुहाई फिरे नहीं हनुमन्त की आन।


० सबसे पहले निम्नवत मंत्रको 2०० बार जप कर सिद्ध कर लें। इसके पश्चात इसी मंत्र द्वारा थोड़े से तेल को 11 बार अभिमंत्रित करके जिस पर भी इसका छींटा देंगे, वह आप पर मोहित हो जाएगा।
मंत्र नीचे प्रस्तुत है-
ॐ नमो मन मोहनी रानी सिंहासन बैठी मोह रही दरबार मेरी भक्ति गुरु की शक्ति दुहाई गौरा पार्वती बजरंगबली की आन नहीं तो लोना चमारी की आन लगे।


० शनिवार के दिन श्मशान में जाकर किसी स्त्री की चिता की राख ले आएं। फिर 11 बार निम्नवत मंत्र पढ़कर उस राख को अभिमंत्रित करके जिसके माथे या सिर पर लगाएंगे, वह आपके वश में हो जाएगा। मंत्र में ‘ अमुक ‘ की जगह इच्छित स्त्री या पुरुष का नाम बोलें।
मंत्र इस प्रकार है-
मुकेश नमो धूलि धूलि। विकट चांदनी पर मारूं धूलि। धूलि लगे, बने दीवानी। घर तजे। बाहर तजे। ठाड़ा तजे भर्तार दिवानी। एक सठी बलवान। लूं नारसिंह वीर ‘ अमुक ‘ को उठाये लाव। न लाये तो हनुमान वीर की दुहाई। मेरी भक्ति गुरु की शक्ति। फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।


० नीचे दिए गए मंत्र द्वारा थोड़े से नमक को 7 बार अभिमंत्रित करके खाने- पीने की वस्तु में मिलाकर इच्छित व्यक्ति को देने से वशीकरण हो जाता है। मंत्र में पहले ‘अमुक‘ की जगह इच्छित व्यक्ति कानाम तथा दूसरे ‘ अमुक ‘ की जगह अपना नाम बोलें।
मंत्र निम्नवत है-
एक नमक रमता माता। दूसरा नमक विरह से आता। तीसरा नमक औरी बौरी। चौथा नमक रहै कर जोरी। ‘ अमुक ‘ ‘ अमुक ‘ को छोड़ दूर नहीं जाये। दुहाई पीर औलिया की। जो कहे सो सुने। जो मांगे सो देय। दुहाई गौरा पार्वती की। दुहाई कामाख्या देवी की। दुहाई गोरखनाथ की।


० एक अखंडित सुपारी लेकरपर्व-कालमें नदीपरजाएं। फिरजल में उतरकर इस मंत्र की 1० माला जप कर सुपारी को बिना चबाए निगल जाएं। प्रातःकाल मल- विसर्जन के समय यह सुपारी निकलेगी। इसे धोकर टुकड़े करके जिसे भी खिलाएंगे, वह आपका दास बन जाएगा।
मंत्र इस प्रकार है-
पीर मैं नाथ। प्रीत मैं माथ। जिसे खिलाऊं, वह मेरे साथ। फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।

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